गोंडवाना समाज समन्वय समिति बस्तर संभाग गोंडवाना भवन भीरावाही,जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छ.ग.)

जय बुढालपेन

गोंडवाना भवन भीरावाही,जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छ.ग.)

“मरका पंडम” (चैतरई महापर्व) 2019 

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सम्माननीय सगाजन, "सेवा जोहार"सगाजनों-हमारा गोंडवाना समुदाय प्रकृति के गोद में पैदा होता है पलते-बढ़ते प्रकृति से ज्ञान प्राप्त करते हुए अपने अनुभव को एक पीढी से दूसरी पीढी को हस्तांरित करते आ रहा है। प्रकृति ही जीवन है। इस सत्य को आधार मानते हुए अपनी संस्कति परम्परा ।रीति-रिवाज तीज-त्यौहार को विकसित किया है। प्रकति ही हमारी जीवन पद्धति का जीवन-दर्शन है । प्रकृति की तरह हमारा जीवन सुन्दर,सौम्य, सहज, सरल एवं उमंग, उत्साह हर्षोल्लास से परिपूर्ण है।"| गोंडवाना समुदाय का मूलाधार प्रकृति है इसलिए हमें प्रकृति पूजक-माटी पुत्र कहा जाता है । गोण्डीजन ना तो नास्तिक है ना तो।आस्तिक- अपितु वास्तविक है।हमें गर्व है कि हम महान ऐतिहासिक गोंडवाना लैण्ड के प्रकृति पुत्र गोंड है हमारी संस्कृति पेन संस्कृति है तथा इन पेन संस्कृति के रक्षकऔर प्रकृति के संरक्षक है जिस पर पूरा ब्रम्हाण्ड टिका है। विश्व संस्कृति की जननी गोंडवाना संस्कृति है जो प्रकृति संरक्षण का मूलाधार है, जोसमस्त विश्व को शांतिमय, सुखमय जीवन जीने की प्रेरणा देती है। हमें अपने पुरखों पर अगाध श्रद्धा, प्रकृति के सामीप्य एवं असीम स्नेह है। यहीकारण है कि हम प्रकृति प्रदत्त-मरका, इरुक पुंगार, रेका , तुमीर, गोर्रा इत्यादि का जिमेदारिन दाई के मुमतामयी आशीर्वाद से पुरखा पेन-बुढाल पेन के चरणों में अर्पण पश्चात ही ग्रहण करने की रीति-नीति संस्कृति रही है। ऐसी गौरवशाली महान पेन संस्कृति के सरंक्षण तथाकोया पूनेम (गोंण्डी धर्म ) को जन-जन तक पहुँचाने हेतु गोंडवाना समाज समन्वय समिति प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी हर्षोल्लास के साथ मरका पण्डूम  दिनांक 12.04.2019 से 14.04.2019 तक कोयतोर जगा गड़  बूम भीरावाडी,कांकेर में मनाया जायेगा।| कोया पुनेम जन-जन तक पहुँचाने तथा समाज में व्याप्त सामाजिक बुराईयाँ, कुरीतियों, कुप्रथाएँ जो समाज की उन्नति में बाधक बनेहुए ऐसी प्रथाओं को छोड़ते हुए प्रगतिशील समाज के निर्माण व समाज के सर्वागिण विकास हेतु चिन्तन मनन कर समाज को नई दिशा-इशा देनेनई ऊर्जा का सृजन करने हेतु इस महापर्व का आयोजन किया जा रहा है। अतः संभाग के समस्त पेन शक्ति, मातृशक्ति, पितृशक्ति,युवाशक्ति , छात्रशक्ति, सामाजिक पदाधिकारी, सामाज के शासकीय अधिकारी/कर्मचारी तथा समाज के समस्त जनप्रतिनिधियों से विनत्रअपील है कि वर्तमान चुनौतियों का संगठित होकर सामना करने तथा भावी पीढ़ी को गों ड्वाना संस्कृति का ज्ञान कराने एवं पैन का आशीर्वादपाने हेतु तीन दिन का समय बूढाल पेन के चरणों में अर्पित कर अपना जीवन सफल बनाने सपरिवार पधारकर कार्यक्रम को सफल बनाएँ।

कार्यक्रम विवरण :-


दिनांक : 12.04.2019 समय 5 बजे से संभाग के समस्त पदाधिकारी जिला/इलॉक/परगना/क्षेत्र/मुड़ादार ग्राम समिति के

पदाधिकारियों का आगमन । रात्रि में विचार गोष्ठी, कार्य योजना पर चर्चा।दिनांक : 13.04.2019 सुबह 9 बजे बुढाल पेन की अर्जी-विनती-सेवा ।सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक सामाजिक सांस्कृतिक पर परिचर्चा ।० परगना/क्षेत्र/जिला के पदाधिकारियों के द्वारा वर्ष के कार्यों का पालन-प्रतिवेदन तथा कोषाध्यक्षों के द्वारा आय-व्ययकी जानकारी प्रस्तुत करना।संभाग के द्वारा पालन-प्रतिवेदन/कार्य योजना की जानकारी प्रस्तुत करना।। समाज के लिए विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर समाज का नाम रोशन करने वालों तथा प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का सम्मान किया जायेगा।शाम 5 बजे से सामूहिक विवाह कार्यक्रम प्रारंभ। • शाम 6 बजे से -आमंत्रित पेन शक्तियों का स्वागत ।।रात्रि 8 बजे से - पेन करसाड़ (देवजात्रा) एवं लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम ।।दिनांक : 14.04.2019 सुबह 8 बजे पेन स्नान। सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक पेन रैली । • दोपहर 1:30 बजे।आमा-जोगानी (पेन पूजा-अर्चना),• दोपहर 2:00 बजे आम सभा एवं शाम 4 बजे टिकावन एवं पेन विदाई ।


नोट-समाज के द्वारा सामाजिक रीति-नीति से सामूहिक विवाह का कार्यक्रम रखा गया है। जिसका पंजीयन 12 अप्रैल तक आवश्यक रूप से करावे ।।कृपया संभाग के सभी जिलो/ब्लाकों एवं क्षेत्रों से पारम्परिक लोक नृतक दलों को लाना अनिवार्य है।


विनीत-गोंडवाना समाज समन्वय समिति बस्तर संभाग एवं गोंडवाना समाज समन्वय समिति जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छ.ग.)


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